वकालत रजिस्टर क्या है?What is a Vakalat Register? – meaning, format and how to keep it digitally
वकालत रजिस्टर वह रजिस्टर है जिसमें अधिवक्ता अपने हर वकालतनामे का क्रमवार ब्यौरा लिखते हैं – केस संख्या, न्यायालय, पक्षकार, मुवक्किल का पता-मोबाइल, फीस और केस की स्थिति। यह अधिवक्ता के कार्यालय का स्थायी रिकॉर्ड है: कौन-सा केस किसका है, किस अदालत में है, और कब निपटा।
A vakalat register is the office register in which an advocate records every vakalatnama they accept – serial number, date, case number, court, parties, the client's contact details, fees and the case status. It is the advocate's permanent record of every brief held.
वकालतनामा और वकालत रजिस्टर – अंतर
वकालतनामा वह अधिकार-पत्र है जो मुवक्किल अधिवक्ता को देता है, और जो न्यायालय की पत्रावली में दाख़िल होता है (उत्तर प्रदेश में उस पर अधिवक्ता कल्याण निधि का टिकट भी लगता है)। वकालत रजिस्टर अधिवक्ता का अपना रिकॉर्ड है, जिसमें ऐसे सभी वकालतनामों की सूची रहती है। वकालतनामा अदालत में जाता है; रजिस्टर आपके चैंबर में रहता है।
The vakalatnama is the authority the client gives the advocate, filed in the court record. The vakalat register is the advocate's own list of all such vakalatnamas – the vakalatnama goes to the court, the register stays in the chamber.
वकालत रजिस्टर में क्या लिखा जाता है?
हर चैंबर का तरीका थोड़ा अलग होता है, पर आम तौर पर ये कॉलम रखे जाते हैं:
| कॉलम | क्या लिखें | Column (English) |
|---|---|---|
| क्रम संख्या | हर नए वकालतनामे की अगली संख्या | Serial number |
| वकालतनामा की तिथि | जिस दिन मुवक्किल ने हस्ताक्षर किए / आपने केस लिया | Date of vakalatnama |
| केस का विवरण | प्रकार (जमानत, मूल वाद, अपील…), संख्या और वर्ष, CNR हो तो वह भी | Case type, number, year, CNR |
| न्यायालय | जैसे ACJM-II, ADJ-3, सिविल जज (सी.डि.), परिवार न्यायालय | Court |
| मुवक्किल | नाम, पिता का नाम, पता, मोबाइल | Client name, address, mobile |
| विपक्षी पक्ष | दूसरे पक्ष का नाम (फ़ौजदारी में प्रायः "उ.प्र. राज्य") | Opposite party |
| धारा / थाना | फ़ौजदारी केस में धारा (BNS/IPC), मु.अ.सं., थाना | Sections, crime no., police station |
| फीस | तय फीस, अब तक प्राप्त, बाकी | Fee agreed, received, balance |
| अगली तारीख़ | अगली सुनवाई की तिथि और प्रयोजन | Next date and purpose |
| स्थिति / निस्तारण | लंबित, निर्णीत, स्थानांतरित, NOC दी गई | Status / disposal |
नमूना प्रविष्टि (Sample entry)
| क्र. | तिथि | केस | न्यायालय | मुवक्किल | विपक्षी | फीस | अगली तारीख़ | स्थिति |
|---|---|---|---|---|---|---|---|---|
| 147 | 03-10-2026 | जमानत प्रार्थना पत्र 1704/2026 BNS 115(2), 352 · थाना कोतवाली | CJM | संजय कुमार 98390 xxxxx | उ.प्र. राज्य | ₹5,000 प्राप्त ₹3,000 | 24-10-2026 सुनवाई | लंबित |
A typical register has columns for serial number, date, case type/number/year, court, client details, opposite party, sections and police station (criminal cases), fees agreed and received, next date, and status or disposal.
काग़ज़ी रजिस्टर में दिक्कतें
- अगली तारीख़ ढूँढना मुश्किल – रजिस्टर क्रम से लिखा जाता है, तारीख़ से नहीं; इसलिए रोज़ अलग से डायरी भी रखनी पड़ती है।
- फीस का हिसाब बिखरा – किस मुवक्किल से कितना बाकी है, पन्ने पलटकर जोड़ना पड़ता है।
- एक ही जगह – रजिस्टर चैंबर में, आप अदालत में; मुंशी और आप एक साथ नहीं देख सकते।
- खोने या ख़राब होने का डर – पानी, दीमक या गुम हो जाने पर सालों का रिकॉर्ड चला जाता है।
A paper register is written in serial order, not by date, so advocates keep a separate daily diary; fee balances have to be added up by hand; only one person can use it at a time; and years of records can be lost to water, termites or misplacement.
वकालत रजिस्टर फ़ोन या कंप्यूटर पर कैसे रखें?
- Excel / Google Sheet – ऊपर के कॉलम बनाकर हर वकालतनामा एक पंक्ति में लिखें। मुफ़्त है, पर तारीख़ याद दिलाना, फीस रसीद और ड्राफ्ट इसमें नहीं होते।
- केस डायरी ऐप – एक बार केस डालें; वही रिकॉर्ड रजिस्टर, रोज़ की डायरी, कैलेंडर और फीस खाता – चारों का काम करे।
Vakalat Register – आपका वकालत रजिस्टर, फ़ोन में
✓ हर वकालतनामा एक बार दर्ज – पूरा रजिस्टर एक जगह, खोजने में सेकंड
✓ हर सुबह WhatsApp पर उस दिन की केस-सूची
✓ फीस – तय, प्राप्त, बाकी – मुवक्किल-वार, रसीद के साथ
✓ केस से जमानत प्रार्थना पत्र, वकालतनामा समेत 24 हिन्दी ड्राफ्ट
✓ बोलकर केस जोड़ें · Excel से पुराने केस एक साथ · मुंशी का अलग लॉगिन
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मुफ़्त शुरू करें – vakalatregister.inअक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
क्या वकालत रजिस्टर रखना ज़रूरी है?
अधिवक्ता के लिए अपने सभी मामलों और मुवक्किलों के पैसों का सही रिकॉर्ड रखना पेशेवर ज़िम्मेदारी है (बार काउंसिल ऑफ़ इंडिया के नियम अधिवक्ता से मुवक्किल के धन का हिसाब रखने की अपेक्षा करते हैं)। रजिस्टर का कोई एक तय सरकारी प्रारूप नहीं है – ज़्यादातर अधिवक्ता ऊपर दिए कॉलम वाला रजिस्टर रखते हैं। अपने राज्य बार काउंसिल के निर्देश भी देख लें।
Keeping accurate records of briefs and client money is part of an advocate's professional duty (the Bar Council of India Rules expect advocates to keep accounts of clients' money). There is no single official format for the register itself; check your State Bar Council's instructions as well.
वकालतनामा और वकालत रजिस्टर में क्या अंतर है?
वकालतनामा मुवक्किल द्वारा दिया अधिकार-पत्र है जो अदालत में दाख़िल होता है; वकालत रजिस्टर अधिवक्ता की अपनी सूची है जिसमें सभी वकालतनामों का ब्यौरा रहता है।
Can I keep my vakalat register on my phone?
Yes. A spreadsheet works for a basic list. A case diary app such as Vakalat Register keeps the same record and also shows each day's cases, sends the list on WhatsApp every morning, tracks fees and prepares Hindi drafts from the case details.
पुराना काग़ज़ी रजिस्टर ऐप में कैसे डालें?
Vakalat Register में "Excel से जोड़ें" से सारे केस एक साथ आ जाते हैं। Excel न हो तो केस एक-एक करके टाइप करें या माइक दबाकर बोलें।